
-
15166
प्रशिक्षुओं की संख्या -
14
इन-हाउस संकाय -
26
विजिटिंग संकाय -
393
आयोजित प्रशिक्षण:
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17
अधिकारी/कर्मचारीपुरुष : 14
महिला : 03
के. वि. सं. - दृष्टिकोण और उद्देश्य
के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है; शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है; स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए . ..
प्रशिक्षण- दृष्टिकोण और उद्देश्य
केंद्रीय विद्यालय संगठन, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान, 1964 में अपनी स्थापना के बाद से स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी और गति निर्धारक रहा है। सेवाकालीन शिक्षा और प्रशिक्षण कर्मचारी संगठन की स्थापना से ही उसका अभिन्न अंग रहे हैं। शिक्षक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2010 शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास में सेवाकालीन शिक्षा की भूमिका पर जोर देती है।
जीट के बारे में
केंद्रीय विद्यालय संगठन, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अन्य आबादी के बच्चों के लिए कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरे देश में लगभग 1256 केन्द्रीय विद्यालय चला रही है। । प्रशासनिक सुविधा के लिए, इसे 25 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
केन्द्रीय विद्यालय संगठन की असाधारण यात्रा, जिसकी शुरुआत 1963 में मात्र 20 रेजिमेंटल स्कूलों से हुई थी, आज 1289 केन्द्रीय विद्यालयों की विशाल श्रृंखला में विकसित हो चुकी है, जो उत्कृष्ट शिक्षा की ज्योति से राष्ट्र को आलोकित कर रही है।
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निदेशक डॉ. अनुराग यादव
केन्द्रीय विद्यालय संगठन - आंचलिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (ज़ेड. आई. ई. टी.), भुवनेश्वर, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में स्थित है । यह के. वि. सं. के द्वारा अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए स्थापित 05 जीट में से एक है । यह संस्थान के. वि. सं. .......
और पढ़ेंनया क्या है
- वर्ष 2026-27, 2027-28 और 2028-29 हेतु के.वि. काठमांडू और के.वि. मॉस्को में कर्मचारियों की तैनाती के संदर्भ में।
- पुस्तकालय नीति
- जन सूचना- केंद्रीय विद्यालय संगठन तथा नवोदय विद्यालय समिति में विभिन्न शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक पदों की भर्ती
- श्री विकास गुप्ता (आईएएस) के केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के संदर्भ में
- श्री विकास गुप्ता (आईएएस) के केन्द्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के संदर्भ में
आगामी पाठ्यक्रम
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23 से 27 फरवरी 2026 : 'आधारभूत और प्रारंभिक चरणों में आनंदपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक पद्धतियाँ’ पर ए.ई.सी.एस. के प्राथमिक शिक्षकों हेतु 05-दिवसीय कार्यशाला (समूह-4)
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23 से 27 फरवरी 2026 : 'योग्यता आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से अंग्रेजी शिक्षण को बढ़ावा देना' पर ए.ई.सी.एस. के प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (अंग्रेजी) हेतु 05-दिवसीय कार्यशाला
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09 से 13 मार्च 2026 : 'व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से छात्रों को सशक्त बनाने में कार्यानुभव शिक्षकों की क्षमता निर्माण” पर 05-दिवसीय कार्यशाला (समूह-2)
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09 से 13 मार्च 2026 : 'एनईपी 2020 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए संगीत शिक्षकों की क्षमता निर्माण ' पर 05-दिवसीय कार्यशाला (समूह-2: कोलकाता, रांची और तिनसुकिया संभाग)
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10 और 11 मार्च 2026 : 'समावेशी शिक्षा' पर प्राथमिक शिक्षकों हेतु 02 -दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला (समूह-4: रांची और तिनसुकिया संभाग)
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16 से 20 मार्च 2026 : 'आधारभूत और प्रारंभिक चरणों में आनंदपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक पद्धतियाँ’ पर ए.ई.सी.एस. के प्राथमिक शिक्षकों हेतु 05-दिवसीय कार्यशाला (समूह-5)
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20 से 24 अप्रैल 2026 : 'आधारभूत और प्रारंभिक चरणों में आनंदपूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शैक्षणिक पद्धतियाँ’ पर ए.ई.सी.एस. के प्राथमिक शिक्षकों हेतु 05-दिवसीय कार्यशाला (समूह-1 : पुनर्निर्धारित)
हमारी बातें
एक शिक्षक हमेशा विद्यार्थी रहता है उसका मन उल्लास और जिज्ञासाओं से भरा रहता है। इसी जिज्ञासा को शांत करने एवं अपना परिमार्जन करने की आकांक्षा लेकर हम सभी PGT कॉमर्स 25 दिसंबर 2023 को सेवाकालीन प्रशिक्षण द्वितीय चरण के लिए ZIET भुवनेश्वर के कैंपस में पहुंचे जहां पर केंद्र की निदेशक श्रीमती PBS उषा के नेतृत्व में कुशल प्रशिक्षकों की टीम पूरे मनोयोग से तैयार थी lइस 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हमने समझा किस प्रकार शिक्षण तकनीकी को अपनी दैनिक शिक्षण कार्य शैली में रोमांचक ढंग से शामिल किया जा सकता है। नए प्रयोग के साथ NCF 2023, EXPERIENTIAL LEARNING, PROJECT BASED LEARNING, ART INTEGRATED LEARNING, ACTIVITY BASED LEARNING SPORTS INTEGRATED LEARNING का प्रशिक्षण हमारा मनोबल बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ Iकंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग में टैली सॉफ्टवेयर का प्रयोग, GUIDANCE and COUNSELLING एवं विषय के अंतर्गत अकाउंटेंसी के प्रसिद्ध लेखक जीएस ग्रेवाल के सत्र परिचर्चा से भरपूर रहेl इस प्रशिक्षण सत्र का महत्वपूर्ण आकर्षण था प्रतिदिन सहभागियों द्वारा तैयार एक्शन रिसर्च का प्रस्तुतीकरण विभिन्न छात्र समस्याओं को समझने एवं उनके समाधान पर भी प्रकाश पड़ा द्वितीय चरण में शैक्षिक भ्रमण के अंतर्गत शिक्षकों का दल कोणार्क एवं जगन्नाथ पुरी की यात्रा पर भी गया जहां की स्मृतियां अनुभव अधिगम में सहायक सिद्ध हुई Iपूरे प्रशिक्षण सत्र के दौरान सहभागियों की सुविधाओं , स्वास्थ्य , भोजन इत्यादि का ZIET भुवनेश्वर की कुशल टीम द्वारा सफल प्रबंध किया गया हम आदरणीय PBS उषा मैडम , आरसी पांडे सर , शीतला प्रसाद जी एवं उनकी पूरी टीम को यह विश्वास दिलाते हैं हम सभी केंद्रीय विद्यालय संगठन एवं ZIET भुवनेश्वर की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे आप सभी का हृदय से आभार एवं धन्यवाद
प्रधानाध्यापाकों के लिए 10-दिवसीय सेवाकालीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (द्वितीय चरण) ने हमें अपने व्यावसायिक विकास के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान किया। पाठ्यक्रम में स्कूली सुरक्षा, कक्षा पर्यवेक्षण, प्रधानाध्यापाकों द्वारा संरक्षित किये जाने वाले अभिलेख, सीएमपी गतिविधियां, बाल अधिकार, योग्यता आधारित मूल्यांकन जैसे विषय शामिल किये गये थे. राजभाषा हिंदी विषय पर सत्र में समबन्धित संवैधानिक प्रावधानों और कार्यालय में होने वाले दैनिक प्रयोग पर विस्तृत परिचर्चा की गयी। अस्तु सेवाकालीन पाठ्यक्रम मेरे लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव रहा है, मेरे पेशेवर विकास पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके लिये मै निदेशक महोदया और सभी प्रशिक्षण सहयोगियों का आभारी हूँ कि उन्होंने मेरे परिमार्जन का यह अद्भुत अवसर प्रदान किया.
दिनांक 2-3 नवंबर 2023 को केंद्रीय विद्यालय संगठन, आंचलिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान भुवनेश्वर में ऑनलाइन माध्यम से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में लेखाशास्त्र एवं व्यावसायिक अध्ययन विषयों में सामग्री संवर्धन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर सविस्तार चर्चा की गई। कार्यशाला में मुख्यतः निपुणता आधारित परीक्षण सामग्री के विकास, धीमी गति से सीखने वाले एवं प्रतिभावान छात्रों हेतु उपयोगी रणनीति आदि पर अनुभवी प्रशिक्षकों तथा वरिष्ठ प्रतिभागियों द्वारा साझा किए गए सुझाओं से विशेष लाभ हुआ है। इससे कक्षा प्रबंधन तथा नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षण कौशल अर्जित करने में सहायता मिली है। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए निपुणता आधारित प्रश्नों (Competency Based Test Items) के माध्यम से विद्यार्थियों को प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में अपेक्षित लाभ हो रहा है।आशा है भविष्य में इस प्रकार की कार्यशालाओं के माध्यम से शिक्षण पद्धतियों में हो रहे नवाचार से शिक्षकों को अद्यतन रहने का अवसर मिलेगा।